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भाभी सेक्स कहानी में एक बार मुझसे एक गलत नम्बर सेव हो गया. मैंने मेसेज करना तो किसी लड़की की पिक लगी थी. मैंने मजे लेने के लिए मेसेज कर दिया.
मेरा नाम फैज़ है (नाम बदला हुआ), मेरी उम्र 25 साल है।
मेरा औजार 6 इंच लंबा और 2 इंच मोटा है।
मुझे लड़कियों से ज्यादा भाभी और आंटी पसंद हैं।
अब तक मैं बहुत सी भाभी और आंटियों को चोद चुका हूँ।
अब आपका ज्यादा टाइम खराब न करते हुए भाभी सेक्स कहानी पर आता हूँ।
यह मेरी पहली कहानी है, कोई गलती हो तो माफ कर देना।
यह बात पिछले साल की है जब मैं हरियाणा में रहा करता था।
एक दिन मैं किसी दोस्त का फोन नंबर सेव कर रहा था लेकिन गलती से एक नंबर गलत टाइप होने से गलत नंबर सेव हो गया।
मैंने उस वक्त ध्यान नहीं दिया।
एक दिन मैं व्हाट्सएप पर अपने दोस्त को मैसेज करने के लिए गया तो मैंने देखा कि इस नंबर पर तो किसी और की फोटो है।
फिर मैंने उस नंबर पर मैसेज किया।
उधर से अगले दिन रिप्लाई आया, “कौन?”
मैंने बताया, “मैं फैज़ हूँ, आप कौन?”
उसने बोला, “मैसेज आपने किया है!”
मैंने उसे बताया कि मेरे पास रॉन्ग नंबर सेव हो गया है।
मैंने उससे कई बार नाम पूछा तो उसने अपना नाम ‘आराह’ बताया।
फिर मैंने धीरे-धीरे बात करना शुरू की।
उसकी उम्र 33 साल थी।
वह देखने में ज्यादा गोरी तो नहीं थी लेकिन ठीक थी, पर उसका फिगर बहुत सेक्सी था।
उसका साइज 34-32-36 था।
वह शादीशुदा थी और उसके 2 बच्चे थे।
उसका पति ड्राइवर था।
धीरे-धीरे हमारी बातें सेक्स पर पहुँच गईं।
मैंने उससे मिलने की जिद की लेकिन उसने मना कर दिया।
एक दिन मैं कुतुब मीनार घूमने गया था एक दोस्त के साथ।
मैंने आराह को बताया कि मैं कुतुब मीनार आया हूँ घूमने, तुम मिलोगी क्या?
तो वह बोली, “मैं भी यहीं पास में हूँ, मैं आ रही हूँ!”
मैंने अपने दोस्त को भेज दिया और उसको बोला- मुझे कहीं जाना है तू जा।
मैं आराह का इंतजार करने लगा।
थोड़ी देर बाद कॉल आया।
मैंने उसको देख लिया था, वह ऑटो में थी।
मैंने पूछा कि और कौन है साथ में?
वह बोली, “मेरे पति हैं!”
यह सुनकर मेरी गांड फट गई!
मैं उसको छुपकर देखने लगा।
फिर वह बोली, “कोई नहीं है, अकेली हूँ!”
मगर मैंने सोचा कि रिस्क क्यों लूँ?
मैंने उसको बोला कि ऑटो से उतर जाओ।
वह उतरकर और पैसे देकर ऑटो वाले को मुझे देखने लगी।
मैं उसके ठीक ऊपर खड़ा था, फिर उसको मैंने ऊपर बुलाया और हमारा ‘हाय-हेलो’ हुआ।
फिर मैंने उससे पूछा- कहाँ चलें?
उसने बोला, “यहाँ एक कपल पार्क है साकेत मेट्रो के पास।”
मैंने बोला, “ठीक है चलो!”
हमने वहाँ से ऑटो किया और चल दिए।
वहाँ पहुँचकर मैंने टिकट लिया और अंदर चले गए।
वह जंगल जैसा था।
हम पहले तो घूमते रहे, फिर एक जगह देखकर बैठ गए और बात करने लगे।
मैंने उसे अपनी गोद में बैठा लिया और किस करने लगा।
फिर उसको बैठाकर उसकी तरफ मुँह करके उसके ऊपर ही बैठ गया और किस किया, बूब्स दबाए।
मन तो कर रहा था यहीं चोद दूँ, भाभी सेक्स के लिए तैयार थी लेकिन पार्क में और भी लोग थे इसलिए रिस्क नहीं लिया।
फिर उसके घर से बच्चों का फोन आ गया।
उसने बोला, “आ रही हूँ थोड़ी देर में!”
फिर बारिश का मौसम हो गया तो हम वहाँ से निकल आए।
बाहर आकर हमने आइसक्रीम ली।
मैंने कॉर्न लिया और उसने चोकोबार ली और हम ऑटो में बैठ गए।
फिर मैंने उसको अपनी झूठी आइसक्रीम खिलाई।
उसने अपने लिप्स में आइसक्रीम रखकर मुझे खिलाई, मुझे बहुत मज़ा आया!
फिर हम साकेत मेट्रो तक पहुँचे ही थे कि बहुत तेज़ बारिश आ गई।
तो हम दोनों वहीं रुक गए लेकिन बारिश होते हुए बहुत देर हो गई थी।
बारिश थोड़ा रुकी तो मैं भी उसके साथ उसको छोड़ने चला गया।
जब हम उसकी साइड पहुँचे तो देखा कि पूरे रास्ते पर घुटनों तक पानी भरा हुआ है।
मैं पानी में गया और वह मेरे पीछे-पीछे मेरा हाथ पकड़े हुए थी।
सच में यार, बहुत अच्छी फीलिंग थी वह!
फिर उसको घर से थोड़ी सी दूर पर छोड़कर मैं वापस आ गया।
एक दिन मुझे 15,000 रुपये की ज़रूरत पड़ी तो मैंने उससे बोला। उसने बोला, “ठीक है, लेकिन मेरे पास कैश है!”
तो मैंने उससे बोला, “यार प्लान बनाओ, किसी दिन होटल चलते हैं!”
उसने बोला कि वह कल हॉस्पिटल का बोलकर आ जाएगी।
सुबह 8 बजे मैं साकेत मेट्रो पर उसका इंतजार कर रहा था।
थोड़ी देर में वह आ गई।
मैंने पूछा कि कोई होटल है?
वह बोली, “मुझे नहीं पता है!”
मैंने ऑटो किया तो उसने हमें एक होटल पर छोड़ दिया।
मैं होटल में गया, रूम देखा और फिर उसको लेकर अंदर चला गया।
आईड