30 Jul 2026
Trending News
Desi Adult Stories
हिंदी सेक्स स्टोरीज

लॉकडाउन में हुई पहली चुदाई चाची संग

हिंदी सेक्स स्टोरीज

चाची Xxx चुदाई कहानी में लॉकडाउन में मेरी जवान चाची हमारे घर रहने लगी थी. मेरी उनसे पक्की वाली दोस्ती हो गयी. मैं चाची की जवानी को चखना चाहता था.

नमस्ते दोस्तो! मेरा नाम सुनील है (यह मेरा बदला हुआ नाम है)।

मेरी उम्र 22 साल है और मैं देखने में ठीक-ठाक हूँ।
मैं कद-काठी से भी बिल्कुल फिट हूँ।
मेरे लण्ड का साइज भी 6 इंच लंबा व ढाई इंच मोटा है, जो कि भारतीय महिलाओं के लिए एकदम पर्याप्त है।

मैं काफी समय से अंतर्वासना की कहानियाँ पढ़ रहा हूँ, तो मुझे भी लगता है कि मुझे अपनी एक सच्ची कहानी आपके साथ साझा करनी चाहिए।

तो आपका ज्यादा समय नहीं लेते हुए चाची Xxx चुदाई कहानी शुरू करते हैं।

मैं राजस्थान के एक छोटे से गाँव का रहने वाला हूँ।
यह कहानी मेरे और गाँव की ही एक चाची की है।

बात आज से करीब 3-4 साल पहले यानी पहले लॉकडाउन की है।
उस समय मैं 12वीं कक्षा में था और घर रह कर ही अपनी पढ़ाई कर रहा था।
लॉकडाउन के कारण शहर वाले लोग गाँव में आने लगे थे।

लॉकडाउन के चलते ही मेरी एक चाची, जो शहर में रहती थीं, वो भी चाचा के साथ गाँव में रहने के लिए आ गई थीं।

चाची देखने में बहुत ही सुंदर थीं; बिल्कुल गोरी, पतली एवं अपने शरीर का ध्यान रखने वाली।
जब वो चलतीं, तो लोग अपना लण्ड सहलाने लगते! चाची भी अपनी 36 की गाँड को बहुत मटका कर चलती थीं।

चाची शुरू से ही शहर में पली-बढ़ी थीं, इसलिए भी वे बिल्कुल फिट थीं।

गाँव में चाचा को रोज शराब पीने की आदत हो गई।
शहर में शराब मिलना मुश्किल था, लेकिन हमारे गाँव में मिल रही थी, इस कारण चाचा रोज शराब पीने लगे।
चाचा के रोज-रोज शराब पीने के कारण चाचा और चाची में झगड़े होने लगे थे।

चाचा की शराब की आदत से चाची भी परेशान हो चुकी थीं।

दिन बीतने लगे, अब तो दोनों में दिन भर लड़ाई होने लगी थी।
चाचा रोज शराब पीकर चाची के साथ झगड़ा करते और उनके साथ मारपीट करना उनका रोज का काम हो गया था।

रोज-रोज की लड़ाई से परेशान होकर चाची ने यह बात मेरे पापा को बताई, इसलिए चाची को मेरे पापा अपने घर ले आए।

चाची हमारे घर आ गईं और घर के कुछ कामों में हाथ बँटाने लगीं।
मैं चाची को उनकी शादी के बाद अब देख रहा था।

लॉकडाउन के कारण हम इतना करीब आ पाए थे।
धीरे-धीरे मैं और चाची पास आने लगे।

मैं उनके साथ लूडो खेलता था और उनसे डबल मीनिंग बातें करने लगा।
जैसे, “चाची आप खोलो, मैं आपकी मारता हूँ!” मेरी बातों को चाची नादानी समझने लगी थीं।

मैं हमेशा उनसे डबल मीनिंग बातें करता, लेकिन चाची मेरी बातों को सुनकर सिर्फ मुस्कुराने लगतीं।
अब मैं चाची को चलते-चलते छू लेना या इधर-उधर हाथ लगा देना, अपना रोज का काम बना चुका था।

एक दिन मेरे पापा ने चाची से कहा- तुम पढ़ी-लिखी हो, थोड़ा बहुत इस नालायक को भी पढ़ा दो; वैसे भी यह घर में रह कर पढ़ाई नहीं कर रहा है।
इस बात को लेकर भी मैं चाची से डबल मीनिंग बातें करने लगा।

मेरी किताब में एक चैप्टर सेक्स को लेकर भी था, जिसमें पुरुष व मादा के जननांगों को दिखाया गया था।
मैंने जान-बूझकर चाची को वही चैप्टर खोल कर दिया।
मैंने जान-बूझकर वही चैप्टर समझने को कहा।

चाची ने बोला, “बताओ, क्या समझ नहीं आ रहा?”
मैंने चाची से पूछा, “क्या सच में महिलाओं का प्राइवेट पार्ट ऐसा ही होता है?”

इस पर चाची कुछ नहीं बोलीं।
फिर मैंने दोबारा पूछा।

तो उन्होंने कहा, “तुमने देखी नहीं क्या!”
मैंने कहा, “नहीं!”

तो उन्होंने कहा, “गर्लफ्रेंड की भी नहीं?”
मैंने कहा, “कोई गर्लफ्रेंड ही नहीं है!”

यह बात सुनकर वह हँसने लगीं।
मैंने सोचा कि चाची को आसानी से पटाया जा सकता है क्योंकि चाचा भी घर नहीं आते, तो कहीं ना कहीं चाची का भी मन करता होगा।

तो मैंने उनसे कहा, “साइंस का प्रैक्टिकल करवा दो!”
उन्होंने मेरे गाल पर धीरे से चपत लगाई और कहा, “तुम अभी छोटे हो!”

धीरे-धीरे मैं चाची को देखने के बहाने ढूँढने लगा।
मैंने सोचा जब चाचा घर नहीं आते, तो चाची की चूत बिना लण्ड के कैसे रह सकती है?
यही जानने के लिए मैंने बाथरूम में फोन का कैमरा चालू करके लगा दिया, जिससे उनका नंगा बदन रिकॉर्डिंग में आ जाए।

जब चाची नहाने गईं, उसके तुरंत बाद मैं बाथरूम में घुस गया और मोबाइल में रिकॉर्डिंग देखने लगा।
मैंने देखा कि चाची बिल्कुल नंगी होकर नहा रही थीं और अपने बूब्स व चूत पर साबुन लगाकर रगड़ रही थीं।

उसके बाद चाची अपनी चूत में उँगली करने लगीं और जब उनका पानी निकल गया, तो वह नहाकर बाहर आ गईं।

यह सब मेरे फोन में रिकॉर्ड हो गया था।
अब मैं चाची से स